डा0 ब्रजेन्द्र स्वरुप जी द्वारा स्थापित प्राथमिक पाठशाला के उपरान्त वर्ष 1919 में डी.ए.वी. इण्टर कालेज की स्थापना की गई जिसका आज 100 वर्षों से अधिक का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इसके उपरान्त इसी भवन में डी.ए.वी. महाविद्यालय स्थापित किया गया, जिसे कुछ समय उपरांत बगल मे प्रतिस्थापित कर दिया गया, जिसमें हमारे पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी बाजपेयी जी ने डी.ए.वी. हास्टल में रहकर शिक्षा ग्रहण की तथा प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए तथा विद्यालय परिवार को भी गौरवान्वित किया। डी.ए.वी. इण्टर कालेज ने प्रदेश को अलग पहचान प्रदान की।
विद्यालय परिसर में ही प्रधानाचार्य आवास तथा शिक्षक / कर्मचारी आवास स्थापित रहा जिससे किसी भी छात्र को 24 घण्टे शैक्षणिक समाधान मिल सके। कानपुर नगर में विद्यालय की अलग पहचान होने के कारण विद्यालय में प्रवेश मिलना ही बडी शान की बात थी। प्रारंभ से ही विज्ञान वर्ग, कला वर्ग, वाणिज्य वर्ग की सभी विषयों की हिन्दी माध्यम तथा अंग्रेजी माध्यम की कक्षाएं विद्वान शिक्षकों द्वारा संचालित रही, परिणाम स्वरुप विद्यालय से निकले हजारों छात्रों ने प्रशासनिक, वैज्ञानिक, चिकित्सा, खेल आदि क्षेत्रों में देश तथा विदेश में अपना परचम फहराया। समय बदला लेकिन पढने पढाने का अंदाज वही रहा।